इजरायली सांसद बें गिविर ने एटॉर्नी जनरल के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें चुनाव तक विधायी कार्रवाई को सीमित करने की बात कही गई है। गिविर ने एटॉर्नी जनरल, गली मिहार्य को सीधे तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए संक्रमणकालीन सरकार शपथ लेने के दिन से ही शुरू हो गई है। यह बयान दर्शाता है कि गिविर, 'ज़ूदा यहूदी' (Jewish Power) पार्टी के प्रमुख, एटॉर्नी जनरल की सलाह को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ हैं। यह टकराव इजरायली राजनीति में चल रहे तनाव को उजागर करता है, खासकर नई सरकार के गठन के बाद। यह घटना न्यायिक और विधायी शक्तियों के बीच संभावित संघर्ष का संकेत देती है। इस मामले में आगे की कार्रवाई देखना महत्वपूर्ण होगा। कानूनी बाधाओं के बावजूद, गिविर सरकार अपनी नीतियों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है।