हाल के समय में, बेलफ़ास्ट और साउथैम्पटन जैसी जगहों पर हुई हिंसक घटनाओं के बाद आप्रवासन विरोधी प्रदर्शनों में तेज़ी आई है। इन प्रदर्शनों को दक्षिणपंथी समूहों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, जो आप्रवासन को अपराध से जोड़ रहे हैं। नॉर्दन आयरलैंड की राजधानी में एक व्यक्ति की हत्या और एक अन्य पर जानलेवा हमला इन प्रदर्शनों के लिए उत्प्रेरक साबित हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की संख्या हजारों में है, जो आप्रवासन नीतियों के खिलाफ अपनी नाराज़गी व्यक्त कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटनाएं सामाजिक तनाव को बढ़ा रही हैं और ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही हैं। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही हैं और संभावित हिंसा को रोकने के लिए कदम उठा रही हैं। यह स्थिति यूरोपीय देशों में आप्रवासन को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाती है।