कोलंबिया में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उग्र-दक्षिणपंथी नेता अबेलार्डो दे ला एस्प्रीला ने संकीर्ण अंतर से जीत हासिल की है। इस परिणाम से देश में राजनीतिक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव कोलंबिया को 25 साल पीछे धकेल सकता है। आशंका है कि इस बदलाव के बाद देश में हिंसा और संघर्ष फिर से बढ़ सकते हैं, जो पहले से ही लंबे समय से पीड़ित है। दे ला एस्प्रीला की जीत को अक्सर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से तुलना की जा रही है, क्योंकि उनकी नीतियों में भी समान रुझान दिखाई देते हैं। यह स्थिति लैटिन अमेरिका के तीसरे सबसे बड़े देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विकास पर बारीकी से नजर रख रहा है।
