एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अति-दाएंपंथी गतिविधियों में पूर्ण हमलों की बजाय प्रचार और जुटाव संबंधी गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 2026 के पहले छह महीनों में दर्ज किए गए कुल 255 मामलों में से अधिकांश भौगोलिक रूप से अमेरिका, यूरोप, भारत और ऑस्ट्रेलिया में देखे गए हैं। यह परिवर्तन हिंसात्मक हमलों में कमी और विचारधारा के प्रसार पर अधिक जोर देने का संकेत देता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अति-दाएंपंथी समूह अब ऑनलाइन प्लेटफार्मों और सोशल मीडिया का उपयोग करके अपने समर्थकों को संगठित और प्रेरित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह भी पाया गया कि भारत में ऐसी गतिविधियां बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि यह प्रवृत्ति भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है, जिससे इन समूहों द्वारा जनता पर अधिक प्रभाव डालने की आशंका है। इस स्थिति पर नज़र रखना और इन गतिविधियों का मुकाबला करना महत्वपूर्ण है।