पारिवारिक और मित्र मंडलों के व्हाट्सएप समूहों में राजनीतिक पसंदों को लेकर गरमागरम बहसें छिड़ गई हैं। शुरुआत में हल्के-फुल्के सवालों से शुरू हुई ये चर्चाएँ जल्द ही तीखी तर्कों में बदल गईं। इस माहौल के कारण कुछ लोगों ने समूहों को छोड़ दिया, जबकि अन्य... (text abruptly ends in original source, so summary reflects this). यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण व्यक्तिगत संबंधों को कैसे प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचारों के टकराव के कारण रिश्तों में तनाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में संवाद बनाए रखना और सम्मानजनक ढंग से असहमत होना महत्वपूर्ण है। यह स्थिति इंडोनेशिया सहित कई देशों में देखी जा रही है जहाँ राजनीतिक बहसें अक्सर व्यक्तिगत स्तर पर पहुँच जाती हैं।