रूस से जारी एक विश्लेषण के अनुसार, बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बिताया जाने वाला समय वास्तविक खतरा नहीं है। बल्कि, मुख्य चिंता यह है कि बच्चे अकेलेपन से ज़्यादा सच बोलने से डरते हैं। यह स्थिति परिवार में संवाद की कमी और विश्वास के अभाव को दर्शाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए, परिवार में खुला और ईमानदार माहौल बनाना आवश्यक है। माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने और उन्हें बिना किसी डर के अपनी बातें कहने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। यह विश्लेषण बच्चों की परवरिश में पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देता है।