पीड़िता के परिवार ने ज़ुल्फ़िकार ज़मीर अमिरुल निज़ाम द्वारा नशे में गाड़ी चलाने के कारण हुई दुर्घटना की जांच को हत्या के आरोप में बदलने की मांग की है। शुरुआती जांच में, मामले को केवल शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप के तहत दर्ज किया गया था क्योंकि दुर्घटना के समय ज़ुल्फ़िकार ज़िंदा थे। पीड़िता की बहन का कहना है कि अब स्थिति बदल गई है और इसे हत्या के रूप में माना जाना चाहिए। परिवार का तर्क है कि आरोपी की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और परिवार के अनुरोध पर विचार कर सकती है। यह मामला सड़क सुरक्षा और नशे में गाड़ी चलाने के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डालता है। परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।