हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया था कि विश्व कप 2026 के एक कमेंटेटर ने अमेरिकी गायिका को नस्लवादी टिप्पणी की। हालांकि, 'फास्ट चेक' नामक तथ्य-जांच संगठन ने इस दावे को गलत बताया है। जांच में पाया गया कि वीडियो को कृत्रिम रूप से संपादित किया गया था और कमेंटेटर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। कमेंटेटर और प्रसारण करने वाले चैनल दोनों ने ही इस आरोप का खंडन किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक झूठी सूचना थी। इस घटना ने ऑनलाइन गलत सूचना के प्रसार और उसकी जांच के महत्व को उजागर किया है।