मध्य पूर्व में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर कथित हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जांच करने वाली संस्था ‘फास्ट चेक’ ने इस वीडियो को झूठा बताया है। विश्लेषण में पाया गया कि वीडियो में कई दृश्य विसंगतियां हैं, जो दर्शाती हैं कि इसे कृत्रिम रूप से बनाया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उपकरणों ने भी इसी तरह का निष्कर्ष दिया है। यह वीडियो वास्तविक घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस तरह के दावों की सत्यता की जांच करना महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने भी इस वीडियो की प्रामाणिकता पर संदेह जताया है।
