रोहन पारेख, जो खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बता रहा था, के वकील ने अदालत को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। वकील ने अदालत को एक नौकरी का प्रस्ताव पत्र और एक पहचान पत्र सौंपा है। यह जानकारी पारेख पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों के संदर्भ में दी गई है। अदालत में यह बताया गया कि पारेख ने इन दस्तावेजों के सहारे सरकारी अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को धोखा देने का प्रयास किया था। मामले की सुनवाई जारी है और अदालत इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी। इस मामले में आगे की जांच के लिए अदालत ने पुलिस को भी निर्देश दिए हैं। पारेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।