फुनमी कोमोलाफे के लेख में जीवन के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। लेखिका का कहना है कि आज हम जीवित हैं, यह अपने आप में एक बड़ी बात है और ईश्वर का आशीर्वाद है। जीवन और आत्मा की मुक्ति सबसे बड़ा आशीर्वाद है। जागना और सोना हमारी शक्ति से नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा से होता है। यह लेख ईश्वर के आगमन के लिए तैयार रहने का संदेश देता है। यह लेख वanguard News में प्रकाशित हुआ है। इसका उद्देश्य पाठकों को जीवन के महत्व और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता की भावना से अवगत कराना है।