फ़ॉर्मूला वन में मौजूदा नियमों के कारण रेस की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं, जिसे 'यो-यो रेसिंग' कहा जा रहा है। यह समस्या रेस के स्वरूप को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही थी और लगातार आलोचना का विषय बनी हुई थी। हाल ही में बेल्जियम ग्रैंड प्रिक्स में यह समस्या स्पष्ट रूप से देखी गई। अब, अगले सीज़न से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि 2028 तक ये नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। हालांकि, इस सप्ताह के अंत में फुटबॉल चैंपियनशिप के कारण कुछ सकारात्मक भावनाएं भी देखी गईं।