आगामी दिनों में तापमान में भारी वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में कर्मचारियों और अभिभावकों के अधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी की स्थिति में बच्चों को स्कूल न भेजने का अधिकार अभिभावकों के पास हो सकता है, खासकर यदि स्कूल में पर्याप्त शीतलन व्यवस्था नहीं है। इसी तरह, कुछ परिस्थितियों में कर्मचारियों को काम पर जाने से इनकार करने या काम से छुट्टी लेने का अधिकार भी हो सकता है, विशेषकर यदि कार्यस्थल असुरक्षित है या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हालांकि, यह अधिकार विभिन्न देशों और क्षेत्रों के कानूनों पर निर्भर करता है। कर्मचारियों को अपने नियोक्ता से बात करनी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। स्कूलों को भी गर्मी से बचाव के लिए उचित कदम उठाने चाहिए, जैसे कि कक्षाओं में एयर कंडीशनिंग या पंखे लगाना और बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाना। गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।
