अत्यधिक गर्मी जलवायु परिवर्तन का एक स्पष्ट संकेत है। इस गर्मी के कारण लोगों को हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ जाता है, जो शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की अत्यधिक कमी से होता है। पसीने के माध्यम से शरीर से अत्यधिक तरल पदार्थ निकलने से यह स्थिति उत्पन्न होती है। हीट एग्जॉशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि गर्मी की लहरों की तीव्रता और आवृत्ति को कम किया जा सके। व्यक्तिगत स्तर पर भी सावधानी बरतकर इस खतरे से बचा जा सकता है।