तुर्की की सर्वोच्च न्यायालय (Yargıtay) ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने अत्यधिक कंजूसी को तलाक और क्षतिपूर्ति का आधार माना है। यह मामला एक ऐसे पति से जुड़ा है जिसने अपनी पत्नी को बिजली बिल बढ़ने के डर से अंधेरे में रहने के लिए मजबूर किया, हीटिंग सीमित कर दी, और भोजन की बर्बादी के बहाने बुनियादी खाद्य पदार्थों को भी रोक दिया। न्यायालय ने पति के इन व्यवहारों को क्रूरता मानते हुए तलाक को जायज़ ठहराया और पत्नी को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि अत्यधिक मितव्ययिता, जो जीवन की बुनियादी ज़रूरतों को भी प्रभावित करती है, वैवाहिक जीवन के लिए हानिकारक हो सकती है। यह फैसला भविष्य के समान मामलों के लिए एक मिसाल कायम करेगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जीवनसाथी को बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित करना कानूनी रूप से अस्वीकार्य है।