विशेषज्ञों और नेताओं ने कांग्रेस से विदेश नीति को और अधिक धार देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि भारत, चीन और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ संबंधों के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इस दृष्टिकोण में आर्थिक कूटनीति और रणनीतिक स्वायत्तता पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक सक्रिय और दूरदर्शी विदेश नीति के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि कांग्रेस को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस परिवर्तन से संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति मजबूत होगी और उसके हितों की रक्षा होगी। यह नई नीति, अमेरिका को वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावी ढंग से नेतृत्व करने में भी सक्षम बनाएगी।