आजकल कुएँ पहले की तुलना में अधिक गहराई तक खोदे जा रहे हैं। जल विशेषज्ञ मारियान गाश्पारोविच के अनुसार, इसका कारण मौसम परिवर्तन, वर्षा की मात्रा और लोगों की जल उपयोग की आदतों में बदलाव है। उनका मानना है कि लोग पानी को सहज मानकर बर्बाद कर रहे हैं। गाश्पारोविच, जो Studniar.sk के तहत कुएँ खोदने का काम करते हैं, बताते हैं कि पानी हर जगह मिल सकता है, लेकिन हमेशा पर्याप्त मात्रा में नहीं। कुएँ की सही जगह का चुनाव महत्वपूर्ण है और इसके लिए विशेषज्ञों से सलाह लेना आवश्यक है। उन्होंने जल संसाधनों के उचित उपयोग और संरक्षण पर जोर दिया है। कुएँ खोदने से पहले तकनीकी प्रमाण पत्र मांगना महत्वपूर्ण है।