विश्व कप 2026 में भाग लेने वाली टीमों की संख्या बढ़ने और नई चयन प्रणाली के कारण, कुछ टीमों का भविष्य शुरुआती दौर में ही तय हो गया है। कुछ टीमें तो पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं, जबकि कुछ अप्रत्याशित रूप से आगे बढ़ गई हैं। यह नई प्रणाली कुछ स्थापित टीमों के लिए निराशाजनक साबित हुई है, वहीं कुछ कमजोर टीमों को अवसर प्रदान कर रही है। शुरुआती दौर में उलटफेर देखने को मिल रहा है, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच बढ़ गया है। इस बदलाव से विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रणाली विश्व कप को और अधिक समावेशी बनाएगी, लेकिन कुछ पारंपरिक शक्तियों के लिए यह एक चुनौती भी है। कुल मिलाकर, विश्व कप 2026 में अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिल रहे हैं।