जर्मनी के विश्व कप विजेता कप्तान ने 48 टीमों के विश्व कप के आयोजन पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विश्व कप अब खेल भावना से ज़्यादा व्यावसायिक हितों से प्रेरित हो रहा है। इस विस्तार को लेकर प्रशंसकों में उत्साह के साथ-साथ आलोचना भी बढ़ रही है। कप्तान का मानना है कि विश्व कप की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने इस बदलाव को खेल के प्रति समर्पित प्रशंसकों के लिए निराशाजनक बताया। इस मुद्दे पर फ़ुटबॉल जगत में बहस छिड़ गई है, जहाँ कुछ लोग विस्तार को विकास के रूप में देखते हैं, वहीं अन्य इसे खेल के मूल मूल्यों से समझौता मानते हैं। इस आलोचना से विश्व कप आयोजन समिति पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है।