एक कंपनी निदेशक और उसके एजेंट पर 259 मिलियन फ़ोरिंट की धोखाधड़ी करने का आरोप है। उन पर तैयार घरों का वादा करके लोगों से पैसे लेने का आरोप है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। कुछ मामलों में, ग्राहकों से घर की पूरी कीमत ले ली गई, जबकि निर्माण दीवारों के निर्माण के बाद ही रुक गया। अभियोजन पक्ष ने उनके लिए जेल की सजा की मांग की है। यह मामला निवेशकों को लुभाने के लिए झूठे वादे करने और फिर धन लेकर गायब हो जाने से संबंधित है। जांच में पता चला है कि कई पीड़ितों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। यह धोखाधड़ी रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को उजागर करती है।