दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल को सैन्य ड्रोन से जुड़े आरोपों में तीस साल की जेल की सजा सुनाई है। इन ड्रोनों को प्योंगयांग के ऊपर भेजा गया था, जिसका उद्देश्य दिसंबर 2024 में उनकी विफल मार्शल लॉ की घोषणा के लिए बहाना बनाना था। अदालत ने माना कि पूर्व राष्ट्रपति ने राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला। यह मामला दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लगाने के उनके असफल प्रयास से जुड़ा है। इस फैसले से दक्षिण कोरिया की राजनीति में खलबली मच गई है। पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों ने इस फैसले की आलोचना की है, जबकि विरोधियों ने इसका स्वागत किया है। यह सजा दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।