रूस में एक पूर्व सैनिक और ब्लॉगर, अलेक्जेंडर लूनिन, को सेना पर की गई आलोचना और राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन से लाइव टेलीविजन पर मिलने की अपील के बाद हिरासत में लिया गया है। लूनिन ने कथित तौर पर रूसी सेना में व्याप्त भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहारों को उजागर करने के लिए पूतिन से सीधे बात करने की इच्छा व्यक्त की थी। उनके अनुसार, सैनिकों को "आत्मघाती मिशनों" पर भेजा जा रहा है और विरोध करने वालों को यातनाएं दी जा रही हैं, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिया। लूनिन के एक परिचित के अनुसार, उन्हें प्रशासनिक हिरासत में लिया गया है और 11 दिनों के लिए हिरासत में रखा गया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। लूनिन का वीडियो, जिसमें उन्होंने ये आरोप लगाए थे, सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था। इस घटना ने रूसी सेना के भीतर व्याप्त समस्याओं पर प्रकाश डाला है।