एक पूर्व प्रधानाचार्य को एक नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार के मामले में जेल जाने की संभावना है। तस्मानिया की एक अदालत ने यह जानकारी दी है। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता एक "कमज़ोर" किशोरी थी और आरोपी ने उसकी निर्दोषता का फायदा उठाया। अदालत में यह भी कहा गया कि आरोपी को सजा मिलना लगभग निश्चित है। मामले की सुनवाई जारी है और अदालत जल्द ही फैसला सुनाएगी। यह घटना शिक्षा जगत में एक गंभीर चिंता का विषय है और इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।