पूर्व प्रधानमंत्री ने ऋण राहत कानून (Κατσέλη कानून) पर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार न्याय व्यवस्था में भेदभाव बरत रही है। उनका कहना है कि इस कानून के तहत हजारों ऋण लेने वालों को बाहर रखा गया है, जो अनुचित है। पूर्व प्रधानमंत्री ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने सरकार से इस मामले में पुनर्विचार करने और सभी योग्य ऋण लेने वालों को लाभ पहुंचाने की मांग की है। इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, क्योंकि विपक्ष भी सरकार की इस नीति की आलोचना कर रहा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है जो ऋण चुकाने में असमर्थ हैं और जिन्हें राहत की आवश्यकता है।
