लातविया के पूर्व केंद्रीय बैंक के गवर्नर को कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र खरीदने के मामले में दोषी पाया गया है। एक अदालत ने पहले दिए गए फैसले को बरकरार रखा है, जिससे उनकी अपील खारिज हो गई है। उन पर नकली प्रमाणपत्र खरीदने का आरोप था, जिससे कोविड-19 महामारी के दौरान लागू नियमों का उल्लंघन होता है। यह मामला लातविया में सार्वजनिक विश्वास और अधिकारियों के आचरण से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालता है। गवर्नर लंबे समय तक अपने पद पर रहे थे और इस मामले ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। फिलहाल, सजा की मात्रा का निर्धारण किया जाना बाकी है। इस फैसले से लातविया में कानून के शासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों के पालन को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।