ताइवान के एवरग्रीन ग्रुप के संस्थापक, झांग रोंगफा, के निधन के दस साल से अधिक समय बाद उनकी संपत्ति से जुड़े विवाद फिर से उभर आए हैं। अदालत ने झांग रोंगफा की अंतिम इच्छापत्र को वैध घोषित कर दिया है, लेकिन संपत्ति का विभाजन अभी भी रुका हुआ है। मुख्य बाधाएं दो महत्वपूर्ण बिंदुओं से उत्पन्न हुई हैं। संपत्ति के मूल्यांकन और लाभार्थियों के बीच सहमति स्थापित करने में कठिनाई आ रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मामले को सुलझाने के लिए आगे की बातचीत और कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता है। यह मामला ताइवान के व्यापारिक जगत में महत्वपूर्ण है और आगे की कार्यवाही पर सबकी नजरें हैं।