यूरोपोल ने चेतावनी जारी की है कि डिजिटलीकरण और विखंडन के कारण आतंकवाद एक नया रूप ले रहा है। एजेंसी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, जिहादी विचारधारा अभी भी सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। रिपोर्ट में ऑनलाइन समुदायों में युवा चरमपंथियों के इकट्ठा होने की चिंता व्यक्त की गई है, जो मुख्य रूप से अति-हिंसा से प्रेरित हैं। ये युवा ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित हो रहे हैं और हिंसा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यूरोपोल का कहना है कि आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे उनके लिए भर्ती करना और हमलों की योजना बनाना आसान हो गया है। रिपोर्ट में इस खतरे से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। यह बदलाव सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती पेश करता है।