वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस गर्मी में यूरोप के आसपास के समुद्रों का तापमान अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गया है, जिसका मुख्य कारण मानव-जनित जलवायु परिवर्तन है। भूमध्य सागर में जुलाई का औसत तापमान रिकॉर्ड 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अगस्त की शुरुआत में मलोर्का के पास पानी का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। यह वृद्धि समुद्री पारिस्थितिक तंत्र और तटीय समुदायों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म पानी समुद्री जीवन के लिए तनाव पैदा करता है, प्रवाल विरंजन को बढ़ावा देता है, और मछली की आबादी को बदल सकता है। इस स्थिति से तटीय क्षेत्रों में चरम मौसम की घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, अन्यथा ये गंभीर परिणाम और भी बदतर हो सकते हैं। समुद्री तापमान में यह वृद्धि एक स्पष्ट संकेत है कि जलवायु संकट तत्काल ध्यान देने योग्य है।

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