विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यूरोप में पिछले चार वर्षों में अत्यधिक गर्मी के कारण 200,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि गर्मी से संबंधित मौतों में पिछले 20 वर्षों में लगभग 30% की वृद्धि हुई है। यह आँकड़ा गर्मी को केवल मौसम की स्थिति नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में दर्शाता है। WHO का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरें अधिक बार और अधिक तीव्र हो रही हैं। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग गर्मी के प्रभावों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की आवश्यकता है, जिसमें गर्मी से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाना और कूलिंग सेंटर स्थापित करना शामिल है। संगठन का मानना है कि भविष्य में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
