यूरोप में पिछले 70 वर्षों में जंगलों में वृक्षों की मात्रा दोगुनी हो गई है। यह वृद्धि विनाशकारी जंगल की आग के खतरे को बढ़ा रही है। वृक्षों के बढ़ते भंडार से आग लगने की संभावना और तीव्रता दोनों बढ़ जाती हैं। सूखे और उच्च तापमान जैसी जलवायु परिस्थितियाँ भी इस खतरे को और बढ़ाती हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि जंगलों के प्रबंधन में बदलाव की आवश्यकता है ताकि आग के जोखिम को कम किया जा सके। इसमें पेड़ों की छंटाई और नियंत्रित जलन जैसी रणनीतियाँ शामिल हैं। भविष्य में आग से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए निवारक उपायों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।