ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ताइवान के पूर्वी तट पर चीन की हालिया गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। इन देशों ने कहा है कि चीन द्वारा तट रक्षक जहाजों की गश्त क्षेत्रीय स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा है। चीन, जो ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है, ने जून महीने में इस क्षेत्र में तट रक्षक जहाजों को भेजा था। इन यूरोपीय देशों ने चीन की इन गतिविधियों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखने की बात कही है। उनका मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से तनाव बढ़ सकता है और क्षेत्रीय शांति भंग हो सकती है। ताइवान, जो स्व-शासित है, चीन के इन दावों को खारिज करता है। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइवान की स्थिति को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है।
