यूरोपीय सांसदों ने कोलंबियाई राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डे ला एस्प्रीला के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्रंप ने हाल ही में डे ला एस्प्रीला की जीत की स्थिति में कोलंबिया को "पूर्ण समर्थन" देने का वादा किया था। यूरोपीय सांसदों का मानना है कि यह कोलंबिया के चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप का प्रयास है। उन्होंने ट्रंप के इस बयान को कोलंबिया की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। यह घटना कोलंबियाई राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप के मुद्दे पर बहस को जन्म दे सकती है। डे ला एस्प्रीला के प्रतिद्वंद्वी गुस्तावो पेट्रो ने भी ट्रंप के समर्थन पर सवाल उठाए हैं। इस मामले पर कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।