हाल ही में, यूरोप के कई देशों में अभूतपूर्व गर्मी दर्ज की गई है, जहां तापमान ने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक विश्लेषण से पता चलता है कि यह समस्या केवल हंगरी तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि कई यूरोपीय देशों ने भी इसी तरह की स्थिति का सामना किया। शोध में यह भी दिखाया गया है कि किस देश में स्थिति सबसे खराब थी और कब। गर्मी की लहरों ने पूरे महाद्वीप में जीवन को प्रभावित किया है, जिससे स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञ इस असामान्य गर्मी के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका है, जिसके लिए तत्काल निवारक उपाय आवश्यक हैं। यह डेटा यूरोप में बढ़ती गर्मी की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।