वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में 'सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल्स' (SDV) की नई पीढ़ी का तेजी से विस्तार हो रहा है। इस अवधारणा की शुरुआत सबसे पहले इलेक्ट्रिक कारों के साथ हुई थी, क्योंकि उनका इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर इसके लिए अधिक अनुकूल था। टेस्ला ने इस प्रकार के वाहनों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। अब यूरोपीय कार निर्माताओं ने बाजार में बने रहने के लिए इस तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया है। उनका मुख्य उद्देश्य चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करना है। यूरोपीय ब्रांड अब अपने वाहनों के पहले सॉफ्टवेयर-आधारित संस्करणों को अंतिम रूप देने के करीब हैं। यह बदलाव भविष्य की कारों के संचालन और अनुभव को पूरी तरह से बदल देगा।