एस्टोनियाई भाषा संस्थान के शोधकर्ताओं ने 60 चैटबॉट मॉडलों का परीक्षण किया, जिसमें चैटजीपीटी, क्लॉड और मिस्ट्रल एआई के चार संस्करण शामिल थे। इस विश्लेषण में इन प्रणालियों की रूसी दुष्प्रचार को फ़िल्टर करने और गलत सूचनाओं को अस्वीकार करने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि यूरोपीय एआई कंपनी मिस्ट्रल एआई के मॉडल रूसी दुष्प्रचार फैलाने में शामिल हैं। यह खोज चिंताजनक है क्योंकि मिस्ट्रल एआई को यूरोप की प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों में से एक माना जाता है। शोधकर्ताओं ने इस मुद्दे पर आगे जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। इस खुलासे से एआई सिस्टम में गलत सूचना के प्रसार को रोकने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। यह यूरोपीय एआई कंपनियों की विश्वसनीयता पर भी असर डाल सकता है।