यूरोप, विश्व का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप, अब लगातार भीषण गर्मी की लहरों का सामना कर रहा है। ये लहरें अधिक तीव्र और लंबी अवधि की होती जा रही हैं। पहले जहां गर्मी केवल दक्षिणी यूरोप में आम थी, अब यह उत्तरी और पश्चिमी यूरोप के शहरों में भी महसूस हो रही है, जिन्हें पारंपरिक रूप से ‘शीतकालीन’ शहर माना जाता था। जलवायु परिवर्तन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है और भविष्य में और भी बदतर होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों को इस नई वास्तविकता के लिए तैयार रहना होगा और गर्मी से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव करने होंगे। यह बदलाव जीवनशैली और शहरी नियोजन को भी प्रभावित करेगा। गर्मी की लहरों से स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।