यूरोप में जारी भीषण गर्मी की लहर जारी है, और कई स्थानों पर तापमान के नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। इस सप्ताह प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, यह गर्मी की लहर मानवीय गतिविधियों के कारण जलवायु परिवर्तन से काफी बढ़ गई है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। कई देशों में आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम मौसम की घटनाएं भविष्य में और अधिक आम हो सकती हैं। इस गर्मी की लहर से यूरोप में मृत्यु दर में वृद्धि हुई है और कृषि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। स्थिति को देखते हुए, सरकारों ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।