यूरोप में अभूतपूर्व गर्मी का प्रकोप जारी है, जहाँ तापमान वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक गति से बढ़ रहा है। ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग के बढ़ते उपयोग से बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है। फ्रांस में रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दर्जनों लोगों की डूबने से मौत हो गई है। विश्व मौसम संगठन के अनुसार, इस तरह की लंबी अवधि की गर्मी की घटनाएं अब अधिक संभावित हो गई हैं। गर्मी के कारण कई देशों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं और आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को हाइड्रेटेड रहने और अत्यधिक गर्मी से बचने की सलाह दी है। यह गर्मी यूरोप में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उजागर करती है।