फ़िनलैंड में आयोजित कुल्तारंता वार्ता में यूरोप की विदेश और सुरक्षा नीति पर चर्चा हुई। विश्लेषकों का मानना है कि यूरोप, अमेरिका की भूमिका पर लगातार शिकायत करने के बजाय अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करे। यूक्रेन में चल रहे संघर्ष, जो लगभग साढ़े चार साल से जारी है, ने इस बहस को और तेज कर दिया है। वार्ता में भविष्य में अमेरिका की भूमिका को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा संबंधी आत्मनिर्भरता विकसित करने की आवश्यकता है। अमेरिका पर अत्यधिक निर्भरता यूरोप की अपनी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता को कमज़ोर करती है। यह वार्ता फ़िनलैंड, यूरोप और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों का एक महत्वपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करती है।