यूरोप वर्तमान में चीन से दूसरी बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जिसे ‘चीन शॉक 2.0’ कहा जा रहा है। दूर-पूर्व से आने वाली प्रतिस्पर्धा के कारण चिंताएं बढ़ रही हैं। हालांकि, जर्मनी और यूरोप अब तक इस कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि यूरोपीय अर्थव्यवस्थाएं चीनी प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सक्षम हैं। यूरोप अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए विभिन्न रणनीतियों को अपना रहा है। यह स्थिति वैश्विक व्यापार परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। फिलहाल यूरोप इन चुनौतियों से निपटने के लिए अनुकूलन कर रहा है।