यूरोप के फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड्स में 20 से 28 जून के बीच आई भीषण गर्मी के कारण लगभग ३,७०० अतिरिक्त मौतें हुई हैं। फ्रांस में अकेले ही दो हजार से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या अधिक है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स में भी सैकड़ों अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जिनमें मुख्य रूप से बुजुर्ग प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अत्यधिक गर्मी जलवायु परिवर्तन का परिणाम है और आगाह किया है कि शुरुआती आंकड़े और भी बढ़ सकते हैं। यह गर्मी यूरोप के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है। मौसम की इस चरम स्थिति ने सरकारों को गर्मी से बचाव के उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर कर दिया है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।