पश्चिमी यूरोप में जारी भीषण गर्मी की लहर के कारण फ्रांस में ही 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस गर्मी का मुख्य कारण ‘ओमेगा ब्लॉक’ नामक एक विशेष मौसम प्रणाली है। यह प्रणाली उच्च वायुमंडलीय दबाव का एक क्षेत्र बनाती है, जो हवा के सामान्य प्रवाह को बाधित करती है। इसके परिणामस्वरूप, गर्म हवा एक ही क्षेत्र में फंसी रहती है, जिससे तापमान में अत्यधिक वृद्धि होती है। ‘ओमेगा ब्लॉक’ का नाम इसकी ग्रीक अक्षर ओमेगा (Ω) के समान आकृति के कारण पड़ा है। यह स्थिति आमतौर पर स्थिर और लंबे समय तक चलने वाली गर्मी की लहरों से जुड़ी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसम की घटनाएं अधिक बार और अधिक तीव्र हो रही हैं।
