विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यूरोप में 2022 से लेकर अब तक भीषण गर्मी के कारण 2 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह आँकड़ा पिछले कुछ वर्षों में गर्मी की लहरों की बढ़ती तीव्रता और आवृत्ति को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्मी से होने वाली मौतों में बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों का अनुपात अधिक है। जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में गर्मी की लहरें अधिक आम और गंभीर होती जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। WHO ने देशों से गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है। इन कदमों में गर्मी की लहरों के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली विकसित करना और लोगों को गर्मी से बचने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना शामिल है। यह आँकड़ा यूरोप में जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणामों की एक गंभीर चेतावनी है।
