यूरोप, जो पहले से ही अभूतपूर्व गर्मी और जंगल की आग से जूझ रहा है, अब बाढ़ के खतरे का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक जलवायु परिवर्तन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे के बाद, अब भारी बारिश की संभावना है जिससे नदियाँ उफान पर आ सकती हैं। इस स्थिति से कृषि और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान होने की आशंका है। जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में मौसम की यह चरम स्थिति एक दुष्चक्र बन गई है। यह स्थिति पर्यावरण और लोगों के लिए गंभीर चुनौतियाँ पैदा कर रही है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।