यूरो क्षेत्र में संभावित संप्रभु ऋण संकट की आशंका बढ़ गई है, जिसके कारण यूरो का मूल्य 17 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। फ़्रांस के बजट घाटे को लेकर बढ़ती चिंताएँ और बांड की तेज़ी से बिक्री इस गिरावट का मुख्य कारण है। निवेशकों को फ़्रांस की वित्तीय स्थिरता को लेकर डर सता रहा है, जिससे यूरो पर दबाव बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि फ़्रांस का बढ़ता हुआ ऋण स्तर यूरो क्षेत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। इस स्थिति से अन्य यूरोपीय देशों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फ़्रांस सरकार पर अब अपने बजट को नियंत्रण में लाने के लिए दबाव बढ़ गया है ताकि निवेशकों का विश्वास बहाल किया जा सके। यूरो की गिरावट से यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।