रूमानिया के नामित प्रधानमंत्री यूजेन टोमक ने 'पोलिटिको' को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि वह कठोर आर्थिक नीतियों से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी सरकार की कार्यशैली इली बोलोजान से अलग होगी, खासकर कर और आर्थिक सुधारों के मामले में। टोमक ने स्वीकार किया कि कुछ कठिन उपाय करने की आवश्यकता होगी, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये उपाय क्या होंगे। 'पोलिटिको' के अनुसार, टोमक यूरोपीय संसद के सदस्य हैं जिन्हें सरकार बनाने का कार्य सौंपा गया है। यह बयान रूमानिया की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और भविष्य की नीतियों के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देता है। उनकी सरकार का दृष्टिकोण देश के वित्तीय स्थिरता और विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यह देखना बाकी है कि टोमक की सरकार इन नीतियों को कैसे लागू करती है और इसका जनता पर क्या असर पड़ता है।