यूरोपीय न्यायालय के एक सलाहकार ने यूरोपीय आयोग की वैक्सीन निर्माताओं के साथ गुप्त वार्ताओं को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। सलाहकार का मानना है कि इन वार्ताओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। यह फैसला ‘Pfizergate’ मामले से जुड़ा है, जिसमें आयोग पर वैक्सीन सौदों में पारदर्शिता बरतने में विफल रहने का आरोप है। इस मामले में पहले भी न्यायालय ने आयोग की गोपनीयता नीति पर सवाल उठाए थे। सलाहकार की इस राय से आयोग पर जनता को जानकारी देने का दबाव बढ़ेगा। यह निर्णय यूरोपीय संघ में वैक्सीन खरीद प्रक्रिया की निष्पक्षता और जवाबदेही पर बहस को और तेज कर सकता है। मामले पर आगे की सुनवाई और अंतिम फैसला महत्वपूर्ण होगा।