यूरोपीय आयोग ने पुष्टि की है कि यूरोपीय संघ के उद्योगों को 2040 तक कार्बन डाइऑक्साइड गैसों का उत्सर्जन करने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय जलवायु परिवर्तन से निपटने के यूरोपीय संघ के प्रयासों पर सवाल उठाता है। आयोग का यह कदम उद्योगों को संक्रमण के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन पर्यावरण समूहों ने इसकी आलोचना की है। उनका तर्क है कि इससे उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। इस नीति से यूरोपीय संघ की जलवायु तटस्थता की प्रतिबद्धता पर भी असर पड़ सकता है। आलोचकों का कहना है कि तत्काल और महत्वाकांक्षी कार्रवाई की आवश्यकता है। आयोग ने भविष्य में उत्सर्जन में और कटौती करने की बात कही है, लेकिन समय सीमा स्पष्ट नहीं है।