यूरोपीय संघ की संसद ने शरणार्थी आवेदन अस्वीकृत होने वालों के लिए नए, कड़े नियम पारित किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ से ऐसे लोगों की वापसी दर बढ़ाना है जिनका शरणार्थी आवेदन खारिज हो चुका है। वर्तमान में, अस्वीकृत आवेदकों में से केवल 28 प्रतिशत को ही निष्कासित किया जा सका है, जिसे यूरोपीय संघ बढ़ाना चाहता है। नए नियमों में यूरोपीय संघ की सीमाओं के बाहर निष्कासन केंद्र स्थापित करने का प्रावधान भी शामिल है। इन केंद्रों का उद्देश्य निष्कासन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और तेजी लाना है। आलोचकों का कहना है कि ये नियम मानवाधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं, जबकि समर्थक इन्हें अवैध प्रवास को रोकने के लिए आवश्यक बताते हैं। यह कानून यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अस्वीकृत शरणार्थियों को वापस भेजने की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करेगा।