अंतर्राष्ट्रीय एमनेस्टी (Amnesty International) ने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा गैर-यूरोपीय देशों में स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावित ‘रिटर्न सेंटर’ (वापसी केंद्र) पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इन केंद्रों की तुलना गुआंतानामो बे डिटेंशन कैंप से की है, जहाँ मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। एमनेस्टी का कहना है कि ये केंद्र प्रवासियों को अनिश्चित काल तक हिरासत में रख सकते हैं और उचित कानूनी प्रक्रिया से वंचित कर सकते हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य अवैध रूप से प्रवास करने वाले लोगों को उनके मूल देशों में वापस भेजना है, लेकिन एमनेस्टी को डर है कि इससे मानवाधिकारों का हनन होगा। संगठन ने यूरोपीय संघ से इन योजनाओं पर पुनर्विचार करने और प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है। यह कदम यूरोपीय संघ की आप्रवासन नीतियों पर एक विवादास्पद बहस को जन्म दे सकता है।
